पत्तियों की कांगियारी (फ्लैग स्मट)

लक्षण : 

•       पत्तों पर लम्बी काली धारियां नसों के साथ-साथ बनती हैं जो बाद में फट कर काला चूर्ण-सा बन जाता है। यह रोग प्रदेश के शुष्क जिलों में अधिक पाया जाता है।

•       रोकथाम:

•       बिजाई के समय वीटावैक्स या बाविस्टिन 2 ग्राम या टैब्यूकोनाजोल (रैक्सिल-2 डी. एस.) 1 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से सूखा उपचार करें।

•       सावधानियां :

•    रोगी पौधों को उखाड़ कर सुखाने के बाद जला दें।

•   रोगग्रस्त खेतों में रोगग्राही किस्मों की बिजार्इ बार-बार न करें।

•   डब्ल्यू एच 283 व डब्ल्यू एच 896 रोगरोधी किस्में हैं।