सरसों का चेपा (अल/माहू)

लक्षण :
  • इसका अधिक आक्रमण दिसम्बर के अन्तिम और जनवरी के प्रथमपखवाड़े में होता है जब औसत तापमान 10-20  डिग्री  सेल्सियस एवं  75% आर्द्रता हो। 
  • हल्के पीले-हरे रंग का यह कीट छोटे-छोटे समूहों में रहकर पौधे के विभिन्न भागों विशेषकर कलियों, फूलों, फलियों फूलों की टहनियों पर रहकर रस चूसता है। 
  • रस चूसे जाने से पौधे की बढ़वार रुक जाती है, फलियां कम लगती हैं और उनमें दाने की संख्या कम होती है।
  • रोकथाम 
  • तोरियाकी फसल अक्सरचेपा के प्रकोपसे बच जाती है।

    ()आक्रमण शुरू होनेपर कीटग्रस्त टहनियों कोतोड़कर नष्ट करदें।

    ()10 प्रतिशत पुष्पित पौधों पर9-19 या औसतन 13 कीट प्रतिपौधा होने परनिम्नलिखित कीटनाशकों का प्रयोगकरें :

    250  से 400 मि.ली. मिथाईल डेमेटान (मैटासिस्टॉक्स) 25 .सी
  • या डाईमेथोएट (रोगोर) 30 .सी. को 250 से 400 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। यदिआवश्यकताहो तो दूसराछिड़काव 15 दिन बाद करें।

    तथा

    साग के लिए उगाई गई फसल पर 250 से 400 मि.ली. मैलाथियान 50 ईसी. को 250 से 400 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव करें। यदि आवश्यकता हो तो दूसरा छिड़काव 7 से 10 दिन बाद करें।