खरपतवार नियन्त्रण

निराई गुड़ाईद्वारा खरपतवार नियन्त्रण

Ø खरपतवार के नियन्त्रण के लिएदो-तीन बार निरार्इ-गोड़ार्इ करनी चाहिए।

Ø पहली गोड़ार्इ पहली सिंचार्इसे पहले ‘कसोला से करें तथा बाद में प्रत्येक सिंचार्इ यावर्षा के बाद समायोज्य कल्टीवेटर से निरार्इ-गोड़ार्इ करें।

खरपतवार नियन्त्रण के लिए निम्न खरपतवारनाशकोंका प्रयोग भी कर सकते हैं।

बिजाई से पहले खरपतवार नियन्त्रण

बिजार्इ से पहले बासालीन 800 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़काव  करें व मृदा में मिलाएं। या

बिजार्इ से पहले ट्रैफलोन( ट्राइफ्लूरालिन) 800 मि.ली. को 200-250 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें व मृदा में मिलाएं

बिजाई के बाद पौधे निकलने से पहले खरपतवारनियन्त्रण

उगने से पहले स्टोम्प 30 (पैण्डीमिथालीन) 2 किलोग्राम/लिटर का प्रयोग करने पर सांठी  सांवककिस्म  के  खरपतवारों  पर नियन्त्रण किया जा सकता हैं।

पौधे निकलने के बाद खरपतवार नियन्त्रण

पौधे निकलने के बाद एक सुखी निरार्इ-गोड़ार्इ के बाद ड्यूरान 200 ग्राम या गेमेक्सिन600 मिलीलीटर का प्रयोग करें

यदि फसल में बिजार्इ के 40-45 दिनों के बाद  खरपतवार हो तो सूखी गोड़ार्इ के पश्चात ट्रैफलोन( ट्राइफ्लूरालिन) या स्टोम्प 1.25 लीटर को 200-250  लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें व बाद में फसल में सिंचार्इ करें |